Cas9 प्रोटीन क्या है ?

प्रायः दुनियां में अगर कोई शब्द अंग्रेजी के अक्षर C से शुरू होता है तो ध्यान में सबसे पहले एक ही शब्द आता है और वो है चीन या चाइना । Cas9 प्रोटीन क्या है इसकी बात करने से पहले हम इसके शाब्दिक अर्थ के बारे में जान लेते हैं

Cas9 प्रोटीन क्या है

Cas9 प्रोटीन भी चाइना से ही सम्बंधित है , दरसल इसका मूल नाम क्रिस्पर – कैस 9 प्रोटीन (crisper-cas9 protein ) है। और इसका पूरा नाम Clustered Regualarly Interspaced Short Palindromic Repeats-9 है

क्रिस्पर-कैस एक ऐसी तकनीक है जो विशेष रूप से DNA को जोड़ने और काटने के लिए प्रयुक्त की जाती है और इसमें उपयोग किया जाने वाला प्रोटीन cas9 प्रोटीन है।

9 बार रिपीट करने के कारण cas के बाद 9 अंक का उपयोग किया गया है ।

चलिए अब बात करते हैं की cas 9 प्रोटीन क्या है, दरसल DNA को संपादित या एडिट या काटने के लिए प्रोटीन का उपयोग किया जाता है यह ठीक वैसे ही है जैसे केक काटने के लिए चाकू या कागज काटने के लिए कैची तो शाब्दिक तौर पर सरल भाषा में cas9 प्रोटीन लक्ष्य-साधित जीन संपादन (टारगेटेड जीन एडिटिंग) में प्रयुक्त आण्विक़ कैंची है ।

Cas9 प्रोटीन चर्चा का विषय क्यों बना ?

हाल ही में चीन के एक वैज्ञानिक जिसका नाम हे जियानकुई है ने यह दावा किया की उसने दुनिया के पहले जेनिटिकल एडिटेड बच्चों को उतपन्न किया है मतलब की अनुवांशिकता में , अनुवांशिक गुणों में जन्म से पहले ही बदलाव कर अपनी मर्जी के अनुसार गुणों से युक्त बच्चों को उतपन्न किया है।

और सरल शब्दों में कहा जाए तो जन्म से पहले ही जीन (DNA) में परिवर्तन कर मनचाहे गुणयुक्त बच्चे पैदा करना , यह ठीक पौधों के हाइब्रिडाइजेशन जैसा ही है।

सबसे सटीक और घरेलू भाषा में कहा जाए तो मनुष्य का अनुवांशिक रूपांतरण ।

उसके दावे के अनुरूप वह जन्म से पहले जीन में परिवर्तन द्वारा मनुष्य के गुणों में कस्टमाइजेशन कर सकता है यदि किसी को सफेद स्किन कलर और सुरीली आवाज लंबे कद का बच्चा चाहिए तो वह cas9 प्रोटीन के द्वारा कर सकता है। इसका सीधा मतलब है की बच्चे की आँख, बाल और त्वचा का रंग आदि ठीक वैसा ही होगा, जैसा उसके माता-पिता चाहेंगे। इससे “डिजाइनर बेबी” की अवधारणा को वल मिलेगा

हालाकिं उस वैज्ञानिक के दावे का कोई ठोस सत्यापन नहीं हुआ है उसके इस कार्य को दुनिया भर के वैज्ञानिकों द्वारा अनैतिक ठहराया जा रहा है क्योंकि इसके विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं

इस वैज्ञानिक ने HIV के अनुवांशिक दोष को दूर करने के लिए यह शोध किया जिससे की किसी HIV पीड़ित व्यक्ति की अगली पीठी प्रभावित न हो

इसी कारण संयुक्तराष्ट्र अमेरिका में इस तरह की जीन एडिटिंग पर प्रतिबन्ध है बल्कि चीन में मानव क्लोनिंग अवैध है लेकिन से जीन एडिटिंग नहीं।

फिलहाल किसान वैज्ञानिकों के द्वारा फसलों को रोग प्रतिरोधी बनाने के लिये क्रिस्पर तकनीक का उपयोग किया जाता है।

यह प्रश्न upsc 2019 की प्रिमिल्स में पूछा गया है

मनुष्य के अनुवांशिक रूपांतरण में प्रयुक्त होने वाला प्रोटीन कौन सा है ? – cas9 प्रोटीन है इसे याद रखियेगा हो सकता है अगली वार upsc फिर पूछ ले ।

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