AC के फ़ायदे , नुकसान और उपयोग |क्या आपको AC लगवाना चाहिए ?

जब आप एसी की बात करते हैं तो ज़्यादातर आपको इसके कुप्रभाव ही याद आते है … पर क्या कभी अपने सोचा है हॉस्पिटल के ICU में 24 घंटे AC ऑन क्यों होता है ?? बड़े से बड़े Doctors भी अपने केबिन और घरों में AC क्यों इस्तेमाल करते हैं ?? कूलर क्यों नहीं ??

Ac ke fayde nuksan aur upyog

दरअसल , पहले AC नुकसान दायक अधिक होते थे पर पिछले कुछ वर्षों में AC तकनीकी में उन्नति हुई है जिससे एसी भी अधिक उन्नत हुये हैं और यह अब हवा को शुद्ध करने का काम भी करते है AC के फायदे तो हैं पर कुछ नुकसान भी जिनके बारे में आज हम विस्तार से बात करते है और जानते है की आपको एसी लगवाना चाहिए या नहीं –

कुछ मिथक

आयुर्वेद में भारत को ठंडा देश माना गया है इसलिए कूलर और एसी नुकसान दायक है

सत्य – ऋषि चरक के अनुसार भारत इक गर्म देश है यहाँ के निवासियों की दाहिनी नासिका सूर्य पित्त और बाईं नासिका को चंद्र पित्त माना गया और कहा गया की यहाँ के निवासियों को गर्मी प्रधान रोग अधिक होंगे , पित्त से पीड़ित , बीमार , दुबले और वृद्ध लोगों का ac मे रहना अधिक फायदेमंद है

AC से पर्यावरण को अत्यधिक नुकसान होता है यह विषेली गैसे छोडते है

सत्य – यह सर्वथा गलत है वर्तमान के एसी में R 32 R 41 जैसे कूलेंट उपयोग किए जाते है जो eco friendly होते हैं और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुचाते और न ही विषेली गैसे छोडते हैं

AC से मोटापा और अस्थमा जैसी अनेक स्वास्थ्य समस्याएँ होती हैं

सत्य -AC से मोटापा नहीं होता और न ही कोई बीमारी अब एसी मे अनेक प्रकार के एयर फिल्टेर्स उपयोग किए जाते है जिससे यह शुद्ध ऑक्सिजन युक्त हवा प्रदान करते है परंतु कूलर मे पानी और खास का उपयोग किया जाता है जिनमे अनेक जीवाणु जन्म लेते कूलर इन बीमारियों की बजह बन सकते है

एक सर्वे के मुताबिक एक कूलर 40 तापमान में 6 घंटे में 90 लिटर पानी को वाष्प में परिवर्तित करता है यह गर्मी के मौसम में पानी की कमी की बड़ी वजह है सुलभ और सस्ता होने के कारण बड़ी मात्रा में उपयोग किया जाता है

एसी के स्वास्थ फ़ायदे

ज्यादातर लोग गर्म और आर्द्र गर्मी के मौसम में अपने घरों या कार्यालयों में अधिक आरामदायक रहने के लिए एयर कंडीशनर का उपयोग करते हैं। अत्यधिक परिस्थितियों में, एयर कंडीशनर बुजुर्गों और अन्य कमजोर लोगों को गर्मी से प्रेरित स्वास्थ्य समस्याओं से सुरक्षित रख सकते हैं। न केवल बढ़े हुए आराम के लिए बल्कि कंप्यूटर जैसे नाजुक मशीनरी पर गर्मी के तनाव को कम करने और किराने की दुकानों और रेस्तरां में भोजन खराब होने को कम करने के लिए कई व्यावसायिक सेटिंग्स में एयर कंडीशनर का उपयोग किया जाता है। वैसे तो Ac से आप गर्मी से निजात पा सकते है इसके साथ ही आप कुछ बीमारियों से भी बच सकते है

निर्जलीकरण और हीट स्ट्रोक को रोकता है

लंबे समय तक अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहने से निर्जलीकरण हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि उच्च तापमान मे पसीना बहता है और आपका शरीर पानी खो देता है। यदि आप इस खोए हुए पानी को फिर से भरने में विफल रहते हैं, तो परिणाम निर्जलीकरण होगा। चूंकि एयर कंडीशनर पसीने को कम करते हैं, वे पानी के नुकसान और निर्जलीकरण के जोखिम को कम करते हैं।

हीट स्ट्रोक और हार्ट अटैक एक और समस्या है जो अत्यधिक गर्मी का कारण बन सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बहुत अधिक गर्मी शरीर के लिए अपने तापमान को विनियमित करना मुश्किल बना सकती है। इस समस्या का जल्द इलाज करने में असफल रहने से मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों को नुकसान हो सकता है। चूंकि एयर कंडीशनर हवा के तापमान को कम करते हैं, इसलिए वे हीट स्ट्रोक को रोकने में मददगार हो सकते हैं।

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वायु की गुणवत्ता में सुधार करता है

शुद्ध वायु अपने आप में सब रोगो की एक दवा होती है पर गर्मी के मौसम में
कांक्रेटाइजेशन होता जिससे सीमेंट की दिवाले कुछ गैसे छोडती है जो कमरों की हवा को प्रदूषित कर पर्यावरण के साथ साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होती है

एयर कंडीशनर इनडोर वायु गुणवत्ता में काफी सुधार कर सकते हैं और अधिक स्वस्थ वातावरण बना सकते हैं। इसका कारण यह है कि वे पर्यावरण में मौजूद पराग, धूल, और अन्य एलर्जी को बाहर निकलने में सक्षम हैं। आर्द्रता को कम करके, एयर कंडीशनर फफूंदी और मोल्ड की वृद्धि को रोकते है तथा ऑक्सिजन को भी प्रदूषण से मुक्त करते हैं

अस्थमा और एलर्जी को कम करने में मदद करता है

हवा की स्थिति फिल्टर करने के साथ-साथ उस हवा को कीटाणुरहित करने में मदद करते है जिसे हम सांस लेते हैं। यह पराग और धूल को हटाकर अस्थमा के हमलों और एलर्जी के जोखिम को कम करने में मदद करता है, और फफूंदी और मोल्ड के विकास को भी रोकता है। मोल्ड के संपर्क में आना मुख्य कारकों में से एक है जो अस्थमा के हमलों, एलर्जी प्रतिक्रियाओं और अन्य श्वसन रोगों के जोखिम को बढ़ाता है। तथ्य यह है कि हम एयर कंडीशनर का उपयोग करते समय अपनी खिड़कियां बंद करते हैं, पर्यावरण एलर्जी, बैक्टीरिया और धूल के प्रवेश को रोकने में मदद करता है।

मानव उम्र में वृद्धि तथा जल्दी रिकवरी

हाल ही के दिनो में नशा द्वारा किए गये सर्वे में पाया गया है की दक्षिण अफ्रीका में मानव उम्र का औसत कम है क्योंकि वह अत्यधिक गर्म देश है और गर्मी के कारण मानव शरीर को ठंडा रखने के लिए अतिरिक्त कार्य करना करना पड़ता है | ठंडे वातावरण में और ठंड के मौसम में सेल्स जल्दी रिकवर होती है , इन्सेक्ट्स , बेक्टीरिया और वाइरस गर्म मौसम में ही जन्म लेते हैं और गर्म नमी में सक्रीय होते है | Ac वातावरण को ठंडा व किटाणुमुक्त रखता है इसलिए ICU में उपयोग किया जाता है

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AC से नुकसान

एसी के कुछ नुकसान भी है कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर आप एसी के नुकसान से बच सकते है जैसे की एसी की सफाई जो हफ्ते में 1 बार होनी ही चाहिए और लिमिटेड उपयोग , एसी का उपयोग दिन मे 9 घंटे से ज्यादा नहीं करना चाहिए और पूरे घर को air conditioned करना बहुत ही नुकसान दायक है

त्वचा का सूखापन

एक वातानुकूलित कमरे में प्रतिदिन 20 घंटे से ज्यादा समय रहने से आपकी त्वचा अपनी नमी खो सकती है, जिससे संवेदनशील और सूखी हो सकती है। यह की जलन और सूखापन भी पैदा कर सकता है।

श्वसन संबंधी समस्याओं का बढ़ना

तापमान में अचानक परिवर्तन ने विभिन्न श्वसन रोगों के लक्षण दिख सकते है है। आप एक उच्च तापमान निर्धारित करके और इसे धीरे-धीरे कम करके इस समस्या के जोखिम को काफी कम कर सकते हैं। मतलब की एसी का तापमान 21 से 26 डिग्री तक ही रखना चाहिए

श्वसन पथ के संक्रमण और एलर्जी

एयर कंडीशनर की सफाई न करने से एयर फिल्टर में धूल, बैक्टीरिया और पराग का निर्माण हो सकता है। यह अस्थमा के हमलों और श्वसन पथ के संक्रमण के जोखिम को काफी बढ़ा देगा। अगर आप एसी की नियमित या हफ्ते में 1 बार सफाई नहीं कर सकते तो अपने बजट के अनुरूप ऑटो क्लीन एसी ले सकते हैं

एयर कंडीशनर का महत्व एयर कंडीशनर के उपयोग से जुड़े जोखिमों को कम करने का सबसे अच्छा तरीका उन्हें नियमित रूप से साफ करना है। एक साफ और सुव्यवस्थित एयर कंडीशनर के स्वास्थ्य लाभ अधिक और बहुत कम नुकसान होंगे

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